
Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु में मौसम विभाग ने शनिवार (16 मई) के लिए राज्य के चार जिलों विल्लुपुरम, कुड्डालोर, मयिलादुथुराई और थेनी में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। चेन्नई मौसम विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन की स्थितियां धीरे-धीरे बन रही हैं और इसके असर से कई इलाकों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। विभाग के अनुसार शनिवार को दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के पहुंचने की संभावना बनी हुई है, जिससे पूरे क्षेत्र के मौसम पैटर्न में बदलाव देखा जा सकता है। इसी दौरान दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे मध्य-पश्चिम बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में बना गहरा दबाव (डीप डिप्रेशन) फिलहाल उसी क्षेत्र में सक्रिय रह सकता है, जिसके कारण आसपास के राज्यों में बादलों की सक्रियता और बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने यह भी बताया कि इस प्रणाली के प्रभाव से शनिवार को दक्षिण तमिलनाडु, तटीय तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में गरज के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर बादल गरजने और बिजली गिरने जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खास तौर पर विल्लुपुरम, कुड्डालोर, मयिलादुथुराई और थेनी जिलों में मौसम की स्थिति अधिक प्रभावशाली रहने की संभावना है, जहां भारी बारिश के चलते येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने संकेत दिया है कि इन जिलों में शनिवार को तेज बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं, जिससे सामान्य जनजीवन पर असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। साथ ही मछुआरों को समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि समुद्र में हवाओं की गति और लहरों की तीव्रता बढ़ सकती है। मानसून के आगमन से पहले इस तरह की मौसमीय गतिविधियां सामान्य मानी जाती हैं, लेकिन वर्तमान में बने दबाव और नमी की अधिकता के कारण बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी अलर्ट जारी किए जा सकते हैं। स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा को कम किया जा सके।





